गोण्ड घर

Gond Ghar Location

जनजातीय समुदायों की एक खासियत है कि अपने परिवेश में उपलब्ध वस्तुओं से ही अपने घर बनाते हैं और अपने पर्यावरण को बिल्कुल क्षति नहीं पहुँचाते | गोण्ड घरों की दीवारों और फर्श को स्त्रियाँ सदियों से मिट्टी में विविध आकारों और उपलब्ध रंगों से सजाती रही हैं, इन्हें नाहडोरा, चिन्हा, ठींग लगाना या ढिगना कहते हैं।

घर का मुख्य द्वार प्राय: पूर्व की ओर होता है और इसकी ओर मुँह किये बायीं तरफ गौ-सार होती है, जो विविध मांगलिक अवसरों पर घर का प्रमुख स्थान है ।

घर को पैठा बंगला, पुर्छी, आँगन, मुढ़त घर और कुरिया में बाँटा जा सकता है।

पैठा बंगला यानी बैठक जहाँ लोग आकर बैठते हैं। पर्ठी यानी आँगन से लगे अधखुले बरामदे में खेती, मवेशी से जुड़े प्रायः सारे औजार रहते हैं। मुढ़त घर यानी असल घर जहाँ चूल्हा जलता है। साल भर के अनाज, दालें,तिलहन रखा जाता है तथा जहाँ घर के देवता निवास करते हैं ।

घर के देवता का स्थान चूल्हे के ठीक सामने वाली दीवार के पास एक छोटे से चबूतरे के रूप में रहता है । हालाँकि कोई देव मूर्ति आदि नहीं होती, लेकिन घर बनाते समय यहाँ एक गड्डे में कई तरह के अनाज, दो-एक सिक्के देवता को सुमिर कर रख दिये जाते हैं।

बाकी सारे कमरे कुरिया कहलाते हैं।घर के मध्य में आँगन के रूप में शून्य का होना गोण्ड और एक तरह से भारतीय पारम्परिक घर की सबसे खास बात है

Gond Ghar

House of Gond

Tribal communities have a distinctive practice of constructing their homes using locally available materials, minimizing harm to the environment. For generations, Gond women have adorned the walls and floors of their mud houses with diverse shapes and natural colors, using techniques known as “Naahdora,” “Chinha,” “Dhig lagana,” or “Dhigna.”

The main entrance of a Gond house typically faces east, and on the left side, there’s a sacred cow shed where auspicious occasions are celebrated. Let’s explore the different sections of a Gond house:

  1. Paita Bangla: This is the meeting place where people gather and sit.
  2. Parchhi: It’s the half-open verandah adjacent to the courtyard, where tools related to farming and animal husbandry are kept.
  3. Mudhat Ghar: This is the heart of the house, where the stove burns. Grains, pulses, and oilseeds are stored here for the entire year. It’s also the abode of the house deity.
  4. Kuria: All other rooms are called Kuria.
  5. The most remarkable feature of a Gond house is the central courtyard, which serves as an open space within the house—a true reflection of Indian traditional architecture.