चक्ताक गोंदरा

सतर्कता और चौकन्नेपन के लिये यह खेल जाना जाता है। इस खेल में शामिल बच्चे गोलाई में बैठ जाते हैं। एक बच्चा जिसके पास कपड़े का एक सोंटा होता है, वह उन बच्चों के पीछे घूमता हुआ, पीछे न देखने की हिदायत का गीत गाता रहता है। इस बीच चुपके से वह उस सोंटे को किसी बच्चे के पीछे रख देता है, अगर वह बच्चा यह महसूस न कर सका कि उसके पीछे सोंटा रखा है, तो फिर दांव देने वाला बच्चा उस सोंटे से तब तक मारता है, जब तक कि वह सभी बच्चों का चक्कर मारकर अपने स्थान पर बैठ न जाय। यदि उसने सोंटे को रखना देख लिया तो फिर वह उस सोंटे को उठाकर उस दांव देने वाले खिलाड़ी को मारने के लिये उसके पीछे दौड़ता है और यह तब तक हो सकता है जब वह खिलाड़ी खाली हुये उस स्थान पर बैठ न जाये। चैकन्नेपन का यह क्रम बहुत देर तक चलता रहता है।

Game of Chaktaak Gondara

Chaktaak Gondara

This game is known for vigilance and alertness. Children involved in this game sit in the circle. A child, who has a string of clothes, walks around those children sitting in a circle, singing a song instructing them not to look back. Meanwhile, secretly he puts that string of clothes on the back of a child, if that child does not feel that the cloth is behind him, the betting child keeps running after him, until he takes a round of those who are sitting. If he sees the cloth, then he picks up the cloth and runs after the player who bets, and this can happen until the player sits in the vacant position. This sequence of alertness goes on and on for a long time.