बैगा घर

मुझमें बसर करने वाला बैगा कहलाता है। बैगा धरती को अपनी बेटी मानता है, इस कारण वह धरती पर हल नहीं चलाता। वह बेवर खेती करता है, इसलिये वह बहुत समय तक एक जगह पर नहीं रहता। बार-बार स्थान बदलने से वह मुझे भी अपने जीवन में कई बार रचता है। हलांकि अब ऐसा बहुत कम ही होता है। इसे अपने आस-पास जो कुछ भी मिलता है, वह उससे ही मुझे रच लेता है। ऐसा भी नहीं कि वह सिर्फ अपने को मौसम की मार से बचाने के लिये मेरा उपयोग करता है, बल्कि वह बहुत कोमलता से मुझे अलंकृत भी करता है। इनकी इच्छाएँ बहुत बड़ी नहीं हैं, बस इतना ही पूरे परिवार के लिए पर्याप्त है। यहीं इनका चैका है, और हाँ घर की देवी भी यहीं होती हैं। पानी और जरूरी अनाज रखने की जगह भी हमारे भीतर ही है। मेरे ठीक सामने आँगन है, जिसकी सुरक्षा में ये सच्चर की मोटी बल्लियाँ हैं, जो जंगली पशुओं से मेरी और अपनी रक्षा करती हैं।

The House Of Baiga

House Of Baiga

The one who resides in me is called Baiga. Baigas considers the Earth as their daughter ,for this reason, he does not plough the earth. He practice shift cultivation so he does not stay in one place for a very long period of time. In the process of changing the place again and again he also creates me several times, However, this practice happens very rarely now. Baiga's creates me from anything they gets around them, not only that they uses me only to protect themselves from the weather, but also adorns me very tenderly. their wishes are not very big, just what is enough for the whole family. The kitchen & yes, the goddess of the house is also here. The space for storing water and grains is also inside us, there is small courtyard right in front of me which is protected by the curtain wall made with logs of Sacchar wood by which they keep me safe from wild animals.